KB · Hymns · #616
बर्षाउ प्रभु बर्षाउ आज आशिष्को झरी
B6/8
Chorus
(बर्षाउ प्रभु बर्षाउ) (२), (आज आशिष्को झरी) (२)
(बर्षाउ प्रभु बर्षाउ) (२), (आज आशिष्को झरी) (२)
(यी दुइको जीवनभरि) (२)
Verse
(तृष्णा देऊ दुइ आत्मालाई,
बन्धन देऊ नछुटिने जीवनलाईदियो बलिरहोस् विश्वासको) (२)
Verse
(अन्धकार घाटी हिँड़्नु परे नि,
फुल्दा फुल्दै मुर्झाई झरे पनिअमर रहिरहोस् प्रेम) (२)